"हिमाचल: सीबीएसई सब कैडर में गए शिक्षकों को मूल कैडर में लौटने का अधिकार"

"हिमाचल: सीबीएसई सब कैडर में गए शिक्षकों को मूल कैडर में लौटने का अधिकार"

Teachers who went to CBSE sub-cadre

Teachers who went to CBSE sub-cadre

शिमला। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई से संबद्ध राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब शिक्षकों को सीबीएसई सब कैडर चुनने के बाद अपने मूल कैडर में लौटने का विकल्प मिलेगा। यह निर्णय शिक्षकों की पदोन्नति के बाद भी लागू रहेगा, जिससे वे मूल कैडर में लौट सकेंगे। 

सरकार ने उनके मूल कैडर में अधिकार सुरक्षित रखा है और सब कैडर में जाने के बावजूद उनकी पदोन्नति और वरिष्ठता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

शिक्षकों के विरोध के बाद राहत, अधिसूचना जारी

शिक्षकों के विरोध के बाद विभाग ने यह राहत प्रदान की है। शिक्षा सचिव राकेश कंवर द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। इससे पहले 19 जनवरी को जारी अधिसूचना में यह प्रविधान नहीं था, जिससे शिक्षकों में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। शिक्षकों ने इसका पुरजोर विरोध किया था। 

नई व्यवस्था के तहत मौजूदा शिक्षकों को सीबीएसई सब कैडर में आने के लिए चयन परीक्षा देनी होगी, जिसके आधार पर उनका चयन किया जाएगा। उन्हें ज्वाइन करने से पहले सीबीएसई सब कैडर में शामिल होने का विकल्प दिया जाएगा। उनका अपने पैरेंट कैडर में अधिकार सुरक्षित रहेगा।

वरिष्ठता व पदोन्नति नहीं होगी प्रभावित

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सीबीएसई स्कूलों में सेवाएं देने के बावजूद संबंधित शिक्षकों की वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य सेवा शर्तों पर उनके मूल कैडर में किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। यदि उन्हें पदोन्नति मिलती है, तो ऐसे शिक्षक उपलब्ध रिक्तियों के अनुसार सीबीएसई और हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में तैनाती के पात्र होंगे।

अधिसूचना पर संयुक्त शिक्षक महासंघ ने जताया आभार

संयुक्त शिक्षक महासंघ ने विभाग की ओर से जारी अधिसूचना का स्वागत करते हुए सरकार का आभार व्यक्त किया है। महासंघ के अध्यक्ष अजय नेगी ने कहा कि शिक्षकों की यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी।

अब शिक्षकों को अपने मूल कैडर में वापस आने का अधिकार होगा और उनकी वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य सेवा शर्तों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। इससे शिक्षकों की आशंकाओं का समाधान हुआ है। प्रधानाचार्य संघ के अध्यक्ष हरि शर्मा, मुख्य अध्यापक संघ के अध्यक्ष रतन वर्मा, और अन्य संघों के प्रतिनिधियों ने भी इस अधिसूचना का स्वागत किया है।